मनु की संतानों ने पहले लोकतंत्र और अंबेडकर को गाली दी फिर संविधान को आग लगा दी : दिलीप मंडल
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मनु की संतानों ने पहले लोकतंत्र और अंबेडकर को गाली दी फिर संविधान को आग लगा दी : दिलीप मंडल

जी हां, संविधान को फाड़कर आग लगा दिया। वही संविधान जिसकी बुनियाद पर भारत का लोकतंत्र टिका है।

9 अगस्त को दिल्ली के जंतर मंतर पर मुठ्ठीभर जातिवादी इकट्ठा हुए। मनु की इन संतानों ने कुछ देर तक जातिवादी भाषण दिया, अपने जाति को सर्वश्रेठ बताया, लोकतंत्र, अंबेडकर और संविधान को गाली दी। अंत में संविधान को फाड़कर आग लगा दिया।

जी हां, संविधान को फाड़कर आग लगा दिया। वही संविधान जिसकी बुनियाद पर भारत का लोकतंत्र टिका है। अब कुछ सवाल उठते हैं, क्या संविधान फाड़ने और जलाने वाले देशद्रोह नहीं है? जो भारत के संविधान में ही यकीन नहीं रखते वो क्या वो देश के लिए खतरा नहीं हैं?

संविधान को जलाने वाले मनुवादियों का मानना है संविधान ने उन्हें कुछ नहीं दिया। साथ ही संविधान ने उनके अधिकार को छीन लिया। अब फिर कुछ सवाल उठते हैं, संविधान ने मनु कि इन संतानों का कौन सा अधिकार छीन लिया?

छूआछूत करने का अधिकार? जाति के आधार पर समाज को बाटने का अधिकार? शोषण करने का अधिकार? खुद को सर्वश्रेण और देवता बताने का अधिकार?

अगर मनु की संतान इन अधिकारों को वापस चाहते हैं, तो बिलबिलाते रहें। क्योंकि अब उन्हें शोषण का अधिकार नहीं मिलने वाला। संविधान भारत के सभी नागरिकों को समान मानता है। संविधान के लिए कोई देवता, कोई शूद्र नहीं है।

मनुवादियों के जातिवादी आयोजन में जो नारे लगाए गए वो इस प्रकार हैं-

  • आरक्षण मुर्दाबाद
  • संविधान मुर्दाबाद
  • अंबेडकर मुर्दाबाद
  • संविधान जलाओ देश बचाओ
  • भारत माता की जय

जिस संविधान से देश चलता है उसे जलाकर देश बचान की बात कर रहे थे ये मूर्ख। किस 'भारत माता' का जयकार कर रहे हैं ये जातिवादी। वही 'भारत माता' (नारी) जिसे ताड़ने को ये अपना अधिकार मानते हैं!

ये रहे कुछ और नारे-

  • एससी, एसटी एक्ट पास करने वाले मुर्दाबाद
  • मनुवाद जिंदाबाद
  • मनुस्मृति जिंदाबाद
  • इस देश को ब्राह्मणों ने ही बचाया
  • ब्राह्मणों को सम्मान दो नहीं तो देश बर्बाद हो जाएगा

इन नारों में इनका जातीय अहंकार साफ नजर आता है। ये उस मनुस्मृति के लिए जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं जिसके दम पर इन्होंने सदियों तक शोषण किया। उस मनुस्मृति के लिए जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं जिसकों संविधान निर्माता बाबा साहब भीम राव अंबेडकर ने जला दिया था।

संविधान को जलाए जाने के मामले में वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल का कहना है कि 'संविधान जलाने वाले आरक्षण विरोधी देशद्रोहियों पर तत्काल मुकदमा कायम हो। संसद के दरवाजे पर संविधान को जलाकर उन्होंने भारतीय राष्ट्र को चुनौती दी है। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून अगर इन पर न लगा, तो उस कानून को खत्म कर देना चाहिए।'