स्वामीनाथन समिति को ख़त्म करके किसानों के लिए ‘जुमला’नाथन समिति पेश कर रही है मोदी सरकारः रणदीप सुरजेवाला
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स्वामीनाथन समिति को ख़त्म करके किसानों के लिए ‘जुमला’नाथन समिति पेश कर रही है मोदी सरकारः रणदीप सुरजेवाला

अखिल भारतीय कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने किसानों की समस्या को लेकर एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने किसानों को जुमले के सिवा कुछ नहीं दिया।

शनिवार को एक ट्वीट कर सुरजेवाला ने लिखा, “मोदी जी की सरकार ने किसानों की स्वामीनाथन समिति को ख़त्म कर दिया है और इसकी जगह जुमलानाथन समिती को पेश कर दिया है”।

क्या है स्वामीनाथन समिति

देश में हरित क्रांति के जनक प्रोफेसर एमएस स्वामीनाथन की अध्यक्षता में 18 नवंबर, 2004 को राष्ट्रीय किसान आयोग का गठन किया गया था। इस आयोग के गठन का मुख्य उद्देश्य किसानों की स्थिति में सुधार लाने के उपायों की तलाश करना था। अपने गठन के दो साल बाद स्वामीनाथन समिति ने अक्टूबर 2006 में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। इस रिपोर्ट में समिति की आेर से किसानों की स्थिति में सुधार करने आैर लगातार बढ़ रही किसानों की आत्महत्याआें की घटनाआें पर रोक लगाने संबंधी कर्इ तरह की सिफारिशें की गयी हैं।

सुरजेवाला किसानों की समस्या को लेकर मोदी सरकार पर तीखे वार करते रहे हैं। हाल ही में पलवल में एक सभा को संबोधित करते हुए सुरजेवाला ने कहा था कि भाजपा के चार साल के राज में देशभर में 47 हजार किसान आत्म हत्या कर चुके हैं।

कांग्रेस नेता ने सरकार को किसान विरोधी करार देते हुए कहा था कि 70 साल में पहली बार कृषि पर टैक्स लगाया गया है। सरकार ने यूरिया, डीएपी पर 12 प्रतिशत टैक्स लगाकर किसानों की कमर तोड़ दी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा इसका विरोध करने पर टैक्स को कम किया गया। अब भी खाद पर पांच प्रतिशत टैक्स है। किसानों के लिए कीटनाशक दवाओं पर 20 प्रतिशत टैक्स लगाकर किसानों के साथ कुठाराघात किया गया।