सनातन संस्था से जुड़े दो और लोगों की गिरफ़्तारी, 20 बम और कई डेटोनेटर बरामद, भगवा आतंकवाद पर फिर से सवाल!
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सनातन संस्था से जुड़े दो और लोगों की गिरफ़्तारी, 20 बम और कई डेटोनेटर बरामद, भगवा आतंकवाद पर फिर से सवाल!

ऐसी आशंका जताई जा रही है कि ये लोग किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। 

महाराष्ट्र का उग्र हिंदूवादी संगठन 'सनातन संस्था' एक बार फिर से विवादों में घिर गया है। महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दल (एटीएस) ने सनातन संस्था से जुड़े एक पदाधिकारी वैभव राउत को गिरफ़्तार कर लिया है।

मीडिया में आ रही ख़बरों की मुताबिक, वैभव राउत के घर से 20 देसी बम और दो जिलेटिन स्टिक मिली हैं। एटीएस से पूछताछ के बाद दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 18 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

वैभव के घर से थोड़ी ही दूरी पर मौजूद उनकी दुकान से बम बनाने का सामान मिलने की भी ख़बर है जिसमें गन पावडर और डेटोनेटर भी बताया जा रहा है। इतना असला कई घमकों को अंजाम देने के लिए काफी है। इसलिए ऐसी आशंका जताई जा रही है कि ये लोग किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे।

इधर हिंदू जनजागृति समिति ने वैभव राउत की गिरफ़्तारी को मालेगांव पार्ट-2 बताया है। मतलब उन्हें फंसाने का आरोप लगाया है।

ये पहली बार नहीं है जब सनातन संस्था पर इस तरह के आरोप लगे हो। ये संगठन पहले भी विवादों में घिरा रह है। इस से जुड़े लोगों की गिरफ़्तारी 2007 में घटित वाशी, ठाणे, पनवेल और 2009 में गोवा बम धमाके के लिए किया गया था।

सनातन संस्था का नाम नरेंद्र दाभोलकर, एमएम कलबुर्गी, गोविंद पानसरे और गौरी लंकेश की हत्या से भी जुड़ा हैं। महाराष्ट्र पुलिस और सीबीआई जो इन केस का अनुसन्धान कर रही है, पूर्व में इसके संस्थापक जयंत बालाजी अठावले से पूछताछ की थी।

पिछले कुछ सालों से संस्था लगातार विवादों में है। इस संस्था को लेकर भारी बहस भी चली थी कि इसे आतंकी संगठन घोषित किया जाए या नहीं। इस संस्था को प्रतिबन्ध करने को लेकर भी विवाद की स्थिति बनी।

अप्रैल 2017 में महाराष्ट्र विधान परिषद को जानकारी देते हुए ये कहा गया था की राज्य सरकार ने सनातन संस्था पर प्रतिबंध लगाने के लिए केंद्र को एक प्रस्ताव भी भेजा था। इस सब के बाद ये सवाल उठाना लाज़मी है कि अभी तक इस संस्था के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है?