दिल्ली विश्वविद्यालय में जातिवादियों का तांडव, दलित छात्र की पिटाई करके बोले-तू भंगी है हमारे साथ कैसे पढ़ सकता है
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दिल्ली विश्वविद्यालय में जातिवादियों का तांडव, दलित छात्र की पिटाई करके बोले-तू भंगी है हमारे साथ कैसे पढ़ सकता है

दिल्ली विश्वविद्यालय में एक छात्र को जातिवादियों का शिकार होना पड़ा । छात्र आशीष बेनीवाल को हिंसा का शिकार महज इसलिए होना पड़ा कि वो दलित समाज से आता है।

7 फ़रवरी को दिल्ली के दयाल सिंह कॉलेज में एक प्रोग्राम के दौरान 18 साल के लड़के और उसके दो दोस्तों पर सीनियर्स द्वारा हमला किया गया।

हमले की वजह हैरान कर देने वाली है- जातीय श्रेष्ठता का गुमान।

आशीष बेनीवाल मयूर विहार वाल्मीकि कॉलोनी में रहने वाले BA प्रोग्राम 1st इयर के छात्र हैं. 7 फ़रवरी को वे और उनके दोस्त अंकित शर्मा, अमित विधूड़ी के साथ कॉलेज में लंच कर रहे थे उसी दौरान उनके कुछ 4– 5 सीनियर्स ने उन पर कांच की बोतलों और बर्फ़ के टुकड़ो से हमला किया. हमले की वजह सिर्फ इतनी है कि आशीष तथाकथित निम्न जाति से हैं.

दोषियों में से तीन लड़कों की पहचान की गई है जिनमे अंकित दहिया , सनी गुज्जर , सुनील शेओरन शामिल हैं. इन तीनों आरोपियों को उसी दिन हिरासत में लिया गया लेकिन कुछ समय बाद ही उन्हें छोड़ दिया गया.

आशीष बेनीवाल अनुसूचित जाति से हैं. उन पर हमला करने वाले जाट सम्प्रदाय के थे.

वे करीब 3 -4 महीनों से उनको परेशान करते हुए उनसे बार बार यही कहते थे ‘’तू भंगी है,, तू हमारे साथ पढ़ेगा, तू अनुसूचित जाति का होकर भी हमारे साथ में पढ़ना चाहता है ?

3 बजे के आस पास कुछ सीनियर्स आशीष और उसके दोस्तों के साथ झगड़ा करने लगे और अंकित दहिया जबरदस्ती आशीष से लड़ाई करने लगा कि इसने मुझसे जुबान कैसे लड़ाई.

आशीष ने उसको मानने से इंकार भी किया लेकिन अंकित दहिया ने उसकी एक भी नहीं सुनी और उसको मारने लगा.

अंकित ने अपनी जेब से बर्फ़ के टुकड़े निकाले और आशीष के मुहं पर मारने लगा. उसके बाद उसने कांच की बोतल को तोड़कर उसके चेहरे पर मारी. जब उसके दोस्तों ने उसे बचाने की कोशिश की तब सीनियर्स उन्हें भी मारने लग गए.

द हिन्दू की खबर के मुताबिक, आशीष ने बताया कि उनके उपर हुए हमले का कारण जातिवादी असंतोष है.

साथी अमन को इसलिए पीटा गया क्योंकि उसने कॉलेज चुनाव जीता था. उसके बाद अमन ने पुलिस में रिपोर्ट भी की थी लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हुआ जिससे अमन ने कुछ समय तक कॉलेज आना ही छोड़ दिया था.

7 फरवरी को आशीष ने लोधी कॉलोनी पुलिस स्टेशन में जब इसकी रिपोर्ट की तब ऑफिसर ने उनसे कहा की आप जाति के एंगल से FIR दर्ज नहीं कर सकते.

आशीष ने उनसे कहा की उन्हें जाति की वजह से ही मारा गया है ऑफिसर ने आशीष का बयान लिया लेकिन उसके बाद कुछ भी नहीं किया.

उसके बाद वरिष्ठ अधिकारी ने कहा की पीड़ित ने कोई FIR दर्ज नहीं की है अगर वो रिपोर्ट करते हैं तो उन पर जल्द से जल्द एक्शन लिया जायेगा.

FIR सेक्शन 341, 323, 506 और एक्ट 34 के तहत दर्ज की गई.

आशीष के पिता हर्ष बेनीवाल ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दी है उसके साथ ही उन्होंने कॉलेज के वाईस चांसलर से मिलने की मांग की है.

साभार- द हिंदू