पहले अंग्रेज़ों की चापलूसी की, फिर तिरंगा जलाया और आज जिस संविधान के दम पर सत्ता में काबिज़ हुए उसे ही जलवा रहे हैं- कन्हैया कुमार 
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पहले अंग्रेज़ों की चापलूसी की, फिर तिरंगा जलाया और आज जिस संविधान के दम पर सत्ता में काबिज़ हुए उसे ही जलवा रहे हैं- कन्हैया कुमार 

संविधान दलित-ब्राह्मण, हिन्दू-मुसलमान सबको बराबर अधिकार देता है, इसीलिए ये अम्बेडकर मुर्दाबाद के साथ मनुस्मृति ज़िंदाबाद के नारे लगा रहे हैं

भारत के सर्वोच्च विधान 'संविधान' को जातिवादियों के गिरोह ने 9 अगस्त को जला दिया। दिल्ली के जंतर मंतर पर इकट्ठा हुए मनु की संतानों ने पहले जातिवादी भाषण दिया, अपने जाति को सर्वश्रेठ बताया, लोकतंत्र, अंबेडकर और संविधान को गाली दी। अंत में संविधान को फाड़कर आग लगा दिया।

इस दौरान वो लगातार आरक्षण मुर्दाबाद, संविधान मुर्दाबाद, अंबेडकर मुर्दाबाद, संविधान जलाओ देश बचाओ के नारे लगाते रहे। जिस संविधान से देश चलता है उसे जलाकर देश बचान की बात कर रहे थे ये मूर्ख।

इतना ही नहीं जाति श्रेष्ठा की बिमारी से ग्रस्त इन जातिवादियों ने मनुवाद जिंदाबाद, मनुस्मृति जिंदाबाद के नारे भी लगाए।

इन नारों में इनका जातीय अहंकार साफ नजर आता है। ये उस मनुस्मृति के लिए जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं जिसके दम पर इन्होंने सदियों तक शोषण किया। उस मनुस्मृति के लिए जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं जिसकों संविधान निर्माता बाबा साहब भीम राव अंबेडकर ने जला दिया था।

सवाल उठता है कि लोकतत्रं की बुनियाद जिस संविधान पर टिकी है, क्या उसे जलाने वाले देशद्रोही नहीं हैं? जो भारत के संविधान में ही यकीन नहीं रखते वो क्या वो देश के लिए खतरा नहीं हैं?

संविधान जलाने की घटना संसद से कुछ देर की दूरी पर की गई। क्या उन जातिवादियों को जरा भी डर नहीं था? इस घटना पर टिप्पणी करते हुए सीपीआई नेता कन्हैया कुमार ने लिखा है...

जिन लोगों ने पहले अंग्रेज़ों की चापलूसी की, फिर तिरंगा जलाया और आज जिस संविधान के दम पर सत्ता में काबिज़ हुए है, उसी संविधान को जलवाकर देश जलाने की साजिश रच रहे हैं। कमाल ये है कि ये सब देशभक्ति के नाम पर किया जा रहा है।

वैसे संविधान जलाने वाले इन लोगों को असल तक़लीफ़ आरक्षण से नहीं है, इन्हें तकलीफ इस बात से है कि संविधान अमीर-गरीब, दलित-ब्राह्मण, महिला-पुरुष, हिन्दू-मुसलमान सबको बराबर अधिकार देता है, इसीलिए ये अम्बेडकर मुर्दाबाद के साथ मनुस्मृति ज़िंदाबाद के नारे भी लगाते हैं।