हिंदुत्व की राजनीति देश के हित में नहीं, ऐसे नहीं बन पाएँगे वैश्विक शक्ति: पूर्व चीफ जस्टिस खेहर
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हिंदुत्व की राजनीति देश के हित में नहीं, ऐसे नहीं बन पाएँगे वैश्विक शक्ति: पूर्व चीफ जस्टिस खेहर

पूर्व मुख्य न्यायधीश जे एस खेहर ने गुरुवार को कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और ये जल्द ही वैश्विक शक्ति के रुप में उभरने वाला है। अगर आपको वैशविक शक्ति बनना है तो आप साम्प्रदायिक कैसे हो सकते हैं। उन्होंने हिंदुत्व की राजनीति की आलोचना करते हुए कहा कि ये भारत को वैश्विक शक्ति बनने से रोक रही है।

24वें लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल लेक्चर में खेहर ने कहा, ‘भारत वैश्विक शक्ति बनने की आकांक्षा रखता है। वैश्विक परिदृश्य में अगर आप मुस्लिम देशों के साथ मित्रता का हाथ बढ़ाना चाहते हैं तो आप वापस अपने देश में मुस्लिम विरोधी नहीं बन सकते। अगर आप ईसाई देशों के साथ मज़बूत संबंध चाहते हैं तो आप ईसाई-विरोधी नहीं बन सकते।’

उन्होंने कहा, ‘आज जो कुछ हो रहा है, वह भारत के हित में नहीं है, खासतौर से अगर हम सांप्रदायिक मानसिकता प्रदर्शित कर रहे हैं तो वह ठीक नहीं है।’ खेहर ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत ने जान-बूझकर 1947 में धर्म-निरपेक्षता को चुना था, जबकि पड़ोसी देश पाकिस्तान ने इस्लामिक रिपब्लिक बनने का फैसला लिया। इस अंतर को समझा जाना चाहिए।

पूर्व चीफ जस्टिस ने कहा कि 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान सफलतापूर्वक देश के नेतृत्व करने वाले भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री कहा करते थे कि भारत धर्म को राजनीति में शामिल नहीं करता है।

पूर्व प्रधान न्यायाधीश ने बताया कि शास्त्रीजी धर्म, नस्ल, जन्मस्थान, आवास, भाषा आदि को लेकर समूहों के बीच भाईचारा बनाए रखने के मार्ग में बाधक पूर्वाग्रहों को दंडात्मक अपराध साबित करने के लिए भारतीय दंड संहिता में धारा 153ए जोड़ने के लिए एक विधेयक लाए थे।