देश की रक्षा करते हुए 4 मुसलमानों ने दी जान, आचार्य बोले- क्या भाजपाई अब भी मुसलमानों से ‘देशभक्ति’ का सबूत मागेंगे?
Running news

देश की रक्षा करते हुए 4 मुसलमानों ने दी जान, आचार्य बोले- क्या भाजपाई अब भी मुसलमानों से ‘देशभक्ति’ का सबूत मागेंगे?

हिन्दू मुस्लिम के नाम पर जहां राजनेता वोट के लिए देश को बाँट रहे हैं। वहीं बीते कल जम्मू-कश्मीर के सुंजवां में शहीदों ने एक नई मिसाल पेश की।

आर्मी कैंप पर हुए हमले में पांच जवान शहीद जिसमें 4 जवान मुस्लिम थे और एक हिंदू। इस हमले में मदन लाल चौधरी, मोहम्मद अशरफ, हबीबुल्ला कुरैशी, मोहम्मद इकबाल और मंजूर अहमद शहीद हो गए। पूरे देश में हिंदू-मुस्लिम के नाम पर भेदभाव होता है।

पूरे देश में नेताओं द्वारा हिन्दू-मुस्लिम किया जाता है। हर बार हिन्दू-मुस्लिम के नाम पर वोट बटोरा जाता है। मुसलमानों और हिन्दुओं को सोचना होगा कि यह देश उनका है और दोनों को मिल जुलकर देश में रहना चाहिए।

और इस देश की प्रगति के लिए कुछ करना चाहिए। ना की केवल हिन्दू-मुसलमान करना चाहिए।

इस पर काल्किपीठ के आचार्य प्रमोद ने ट्वीट करते हुए उन नेताओं से सवाल किया जो मुसलमानों से उनकी देशभक्ति का सबूत मांगते रहते हैं। उन्होंने लिखा कि मुसलमानों से देशभक्ति का सबूत मांगने वालो, कश्मीर में “शहीद” होने वाले 4 जवान “मुसलमान” हैं।