मीडिया पर नज़र : गोदी मीडिया के स्टार एंकर ‘आपके टूथपेस्ट में नमक है’ की तरह BJP के लिए सवाल पूछ रहे हैं
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मीडिया पर नज़र : गोदी मीडिया के स्टार एंकर ‘आपके टूथपेस्ट में नमक है’ की तरह BJP के लिए सवाल पूछ रहे हैं

अपने तय एजेंडे पर लोगों से बुलवा लेना ही अब टीवी मीडिया के लिए रिपोर्टिंग हो गई है, सवाल ऐसे पूछे जाते हैं कि जवाब का संकेत छुपा होता है, लोग ऐसे चुने जाते हैं कि अपना मनचाहा विचार उनसे बुलवा लिया जाए।

गुजरात चुनाव में मीडिया जिस तरह की भूमिका में नज़र आ रहा है वो हैरान करने वाला है। एबीपी न्यूज़ जिसकी टैग लाइन ही है ‘आपको रखे आगे’ गुजरात में डेरा डाले हुए उसके रिपोर्टर्स ने मानों तय कर लिया हो ‘भाजपा को ही दिखाएंगे आगे’।

एबीपी न्यूज़ की स्टार एंकर कही जाने वाली चित्रा त्रिपाठी कुछ इसी अंदाज़ में सवाल कर रही हैं मानो वो किसी टूथपेस्ट का प्रचार कर रही हो। मनचाही बात बुलवाकर माइक हटा लेती हैं और किसी के विचारों को कंफ्यूजन की संज्ञा देते हुए आगे बढ़ जाती हैं।

दरअसल गुजरात दौरे पर पाटीदारों का मत जानने पहुचीं स्टार एंकर ने 3 पाटीदारों की राय को ही पूरे पाटीदारों की सोच बताने की कोशिश की।

उनका पहला सवाल था हार्दिक पटेल का क्या प्रभाव है आप लोगों पर?

एक ने जब जवाब दिया की ‘नहीं हमें नहीं चाहिए हार्दिक पटेल’, दूसरे ने जब ये कहा कि हम हार्दिक के साथ नहीं है मगर उनका मुद्दा ठीक है। शख्स का कहना था कि पाटीदारों को आरक्षण नहीं चाहिए।

तीसरे ने कहा कि हार्दिक पटेल नहीं चाहिए, इसके बाद एंकर ने कहा की आप पाटीदार है? जवाब आया जी हां , तो एंकर ने कहा आपको लगता है आरक्षण की मांग करते करते हार्दिक नेता बन गए तो उनकी बात में हाँ में हाँ मिलाया।

आखिर में एंकर ने कहा 3 पाटीदारों से हमारी मुलाकात हुई, जिनका मानना है कि कांग्रेस के पास जाकर हार्दिक का जाना गलत है, उनका आखिरी वाक्य था’ यहाँ लोगों का कहना है क्योकिं बीजेपी ने विकास किया तो बीजेपी की ही बारी है अब’।

पूरे इंटरव्यू में कहीं भी बीजेपी के विकास की बात नहीं की गई मगर चित्र के विचार को लोगों का विचार बताकर मीडिया अपना काम कर गया।

हैरान करने वाली बात ये रही कि इंटरव्यू के शुरुआत में ही चित्रा ने कहा ‘पाटीदारों की संख्या 15 फीसद है’, फिर उन्होंने सिर्फ 3 लोगों की राय से ही पाटीदारो की सोच को बंटा हुआ घोषित कर दिया।

दूसरी तरफ, जिस तरह की भीड़ हार्दिक की जनसभाओं में देखी जा रही है मैदान से लेकर सोशल मीडिया तक ये रिकॉर्ड है। कल रात करीब 52 हज़ार लोगों ने हार्दिक को लाइव देखना पसंद किया जबकि ठीक उसी वक़्त देश के प्रधानमत्री के साथ ऑनलाइन दर्शक 3600 से 2000 के बीच बने रहे।

एक बार को उनका एंकर की बात मान भी ली जाएँ तो क्या ऑनलाइन बैठे लोग हार्दिक के बैठाये हुए हैं ? अगर ऐसा है पीएम मोदी और बीजेपी के पास तो इससे ज्यादा लोग होने चाहिए।

आखिर में वीडियो देखकर खुद ही तय किया जा सकता है कि मीडिया सत्ता पक्ष का माहौल बनाने में कैसे नस्मस्तक है.