मानव अधिकारों की सुरक्षा के लिए शाहरुख खान को दावोस में मिला अवॉर्ड
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मानव अधिकारों की सुरक्षा के लिए शाहरुख खान को दावोस में मिला अवॉर्ड

एक महिला पर दवाब डालने से अच्छा विनती और अनुरोध करने का हो सकता है-शाहरुख खान

शाहरुख खान ने अपने गैर-लाभदायक मेर फाउंडेशन के माध्यम से मानव अधिकारों की सुरक्षा के लिए डावोस में 24वें वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) में क्रिस्टल पुरस्कार प्राप्त किया। इस पुरस्कार को लेकर वो अपनी प्रसन्नता ज़ाहिर कर रहें है। शाहरुख़ खान का कहना है कि यह पुरस्कार काम के लिए एक मान्यता है जिसे मैंने किया था।

अभिनेता केट ब्लैंचेट और गायक-गीतकार एल्टन जॉन के साथ सोमवार को वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम में मानव अधिकारों के मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के काम के लिए बॉलीवुड के रोमांस किंग ने पुरस्कार प्राप्त किया।

उन्होंने अपना एक व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा की आज यहां आने से पहले मेरे पांच साल का बेटा अचानक से चिल्लाया, “पापा,पापा मेरी आँख मेरे बालों में चली गई है क्या आप मेरे बाल से मेरी आँख निकाल सकते हो? “उसने यह नहीं कहा कि मेरी आँखों से मेरा बाल निकाल दो।”

जैसे हम सभी को ये विश्वास है कि हम करते हैं और यह थोड़ा सा है पर जब आपके पास शक्ति है, तो आप सोचते हैं कि चीजें अपने रास्ते में आती हैं लेकिन वह वास्तव में आपकी शक्ति है जो रास्ते आपको और शसक्त बनाना चाहती है।

उन्होंने कहा कि में ऐसी कई एसिड अटैक विक्टिम्स से मिला जिसे देखकर मुझे लगता था की उनका जीवन व्यर्थ है पर उन्होंने अपने जीवन को सार्थक बनाया। हर समय काम किया मेने उन सभी में आगे बढ़ने की क्षमता देखी। जो भी उनके साथ हुआ उसने उन सभी को और अधिक बहादुर बनाया और उन्हीं से मेने सीखा कि एक विक्टिम अपने साहस से कैसे शूरवीर बन सकता है।

उन्होंने अंत में कहा कि मैं इसके लिए अपनी बहन, मेरी पत्नी और मेरी छोटी बेटी का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं कि मुझे उन्होंने अनुरोध करने का मूल्य सिखाया, एक महिला पर दवाब डालने से ज्यादा अच्छा विनती और अनुरोध करना हो सकता है।