पूर्व PM मनमोहन सिंह के कार्यकाल में भारत की रही सर्वाधिक GDP
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पूर्व PM मनमोहन सिंह के कार्यकाल में भारत की रही सर्वाधिक GDP

जीडीपी की नई सीरेज़ के मुताबिक, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विकास दर को 2006-07 में ही इस स्तर पर पहुंचा दिया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में ये वादा किया था कि वो सत्ता में आने पर जीडीपी को डबल डिजिट रफ़्तार यानि 10% की वृद्धि से बढ़ाएँगे लेकिन अब 2019 के चुनाव सर पर हैं लेकिन वो अपना ये वादा भी निभाने में नाकाम रहे।

लेकिन जीडीपी की नई सीरेज़ के मुताबिक, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विकास दर को 2006-07 में ही इस स्तर पर पहुंचा दिया था।

सरकारी पैनल की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश की जीडीपी दर का आंकड़ा 2006-07 में 10.08 प्रतिशत रहा जो कि उदारीकरण शुरू होने के बाद का सर्वाधिक वृद्धि आंकड़ा है। बता दें, कि ये आंकड़ा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्य़काल का है।

गौरतलब है कि देश की आज़ादी के बाद से सबसे अधिक आर्थिक वृद्धि दर 1988-89 में 10.2 प्रतिशत रही। उस वक्त राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री थे।

‘राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग द्वारा गठित ‘कमेटी आफ रीयल सेक्टर स्टैटिक्स’ ने पिछली श्रृंखला (2004-05) के आधार पर जीडीपी आंकड़ा तैयार किया। यह रिपोर्ट सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की वेबसाइट पर जारी की गयी है।

दरअसल, हर दस साल में जीडीपी मापने के लिए उसके आधार वर्ष को बदल दिया जाता है। आधार वर्ष यानि वो वर्ष जिसके आर्थिक आकड़ो से तुलना कर जीडीपी को निकाला जाता है।

रिपोर्ट में पुरानी श्रृंखला (2004-05) और नई श्रंखला 2011-12 की कीमतों पर आधारित वृद्धि दर की तुलना की गयी है। पुरानी श्रृंखला 2004-05 के तहत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर स्थिर मूल्य पर 2006-07 में 9.57 प्रतिशत रही। उस समय मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे। नई श्रृंखला (2011-12) के तहत यह वृद्धि दर संशोधित होकर 10.08 प्रतिशत रहने की बात कही गयी है।

वहीं प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की बात करे तो 2014 से अबतक जीडीपी 9% का आकड़ा भी छू नहीं पाई है। 2015-16 में देश की विकास दर 8.1% पर गई थी लेकिन उसके बाद नोटबंदी और जीएसटी से जूझती अर्थव्यवस्था की जीडीपी 2016-17 में 7.1% और 2017-18 में 6.5% रही।

अगर यूपीए और एनडीए के कार्यकाल की जीडीपी की औसत वृद्धि वृद्धि भी देखे तो उसमें भी मनमोहन सिंह आगे नज़र आते हैं। यूपीए की दस साल के शासन की जीडीपी औसत वृद्धि 8.1% रही वहीं मोदी सरकार के कार्यकाल की औसत वृद्धि 7.3%रही।