निजता के अधिकार पर मोदी-अमित शाह की चुप्पी के बावजूद सरकार का ‘यू-टर्न’ हास्यास्पद – सीताराम येचुरी
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निजता के अधिकार पर मोदी-अमित शाह की चुप्पी के बावजूद सरकार का ‘यू-टर्न’ हास्यास्पद – सीताराम येचुरी

तीन तलाक पर ऐतिहासिक फैसला देने के बाद गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार करार दिया है। नौ जजों की संविधान पीठ ने 1954 और 1962 में दिए गए फैसलों को पलटते हुए कहा की निजता का अधिकार, मौलिक अधिकार का हिस्सा है, जो अनुच्छेद 21 के अंदर आता है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सरकार सु्प्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि संविधान पीठ बनने से पहले वित्तमंत्री अरुण जेटली ने माना था कि निजता मौलिक अधिकार है।

वित्तमंत्री ने जो रुख सदन में रखा था फैसला उसी के मुताबिक आया है। केंद्रीय मंत्री रविशंकर के बयान को सीताराम येचुरी हास्यास्पद बताते कहा कि ये सरकार का यू-टर्न है।

रविशंकर प्रसाद के सरकार की ओर से रखे पक्ष पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कॉम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि, प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह की निजता के अधिकार पर चुप्पी के बावजूद सरकार का यू-टर्न हास्यास्पद है।

गौरतलब हो कि, सकार ने इस मामले की सुनवाई के दौरान 19 जुलाई को कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि निजता का अधिकार मौलिक अधिकार नहीं है। इसके बाद 26 को चार गैर-भाजपा शासित राज्य कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, पंजाब और पुडुचेरी निजता के अधिकार के पक्ष में न्यायालय पहुंचे। और इस सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने माना कि निजता का अधिकार मौलिक अधिकार हो सकता है। लेकिन, कुछ आवश्यक शर्तें के साथ।

निजता के अधिकार पर सुनवाई करते हुए 2 अगस्त को न्यायालय ने ये कहते हुए अपना फैसला सुरक्षित रखा कि आधुनिक सूचना और प्रौद्योगिकी के दौर में निजता की सुरक्षा एक हारी हुई लड़ाई है। गुरुवार को फैसला सुनाते हुए सु्प्रीम कोर्ट ने निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार घोषित कर दिया।