तीन तलाक़ पर मोदी सरकार की मंज़ूरी पर बोले आप नेता- BJP का मक़सद मुस्लिम महिलाओं को इंसाफ़ दिलाना नहीं, ड्रामेबाज़ी करना है
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तीन तलाक़ पर मोदी सरकार की मंज़ूरी पर बोले आप नेता- BJP का मक़सद मुस्लिम महिलाओं को इंसाफ़ दिलाना नहीं, ड्रामेबाज़ी करना है

“भाजपाईयों का मक़सद मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाना नही, ड्रामेबाज़ी करना है”

मोदी सरकार द्वारा ट्रिपल तलाक बिल को मंज़ूरी दिए जाने पर आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ट्रिपल तलाक बिल के ज़रिए मुस्लिम महिलाओं को न्याय नहीं दिलाना चाहती, बल्कि इस बिल के नाम पर ध्रुवीकरण करना चाहती है।

आप सांसद ने ट्विटर के ज़रिए कहा, “भाजपाईयों का मक़सद मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाना नही, ड्रामेबाज़ी करना है”। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज़ कसते हुए कहा, “भाइयों बहनों अगर तीन तलाक़ बोलकर पत्नी को छोड़ना ग़लत है तो तीन तलाक़ बोले बग़ैर पत्नी को छोड़ना ग़लत है की नही”?

इससे पहले देवबंदी उलेमा ने भी ट्रिपल तलाक़ बिल को लेकर मोदी सरकार की नीयत पर सवाल खड़े किए।

उलेमा ने कहा कि जब बिल राज्यसभा में अभी तक पेंडिंग है तो सरकार इतनी जल्दबाजी में क्यों है? उलेमा का मानना है कि सरकार मुस्लिम शरीयत से खिलवाड़ कर वोटों की सियासत के चलते चुनावी रणनीति पर काम कर रही है।

वहीं शिया चांद कमेटी अध्यक्ष मौलान सैफ अब्बास नकवी का कहना है कि केंद्र सरकार का दावा है कि यह बिल मुस्लिम महिलाओं का उत्पीड़न खत्म करने के लिए लाया जा रहा है। जबकि, इसमें महिलाओं को फायदा देने वाला प्रावधान ही नहीं है।

उन्होंने कहा कि एक साथ तीन तलाक पीड़िता की मदद के लिए कोई फंड नहीं बनाया गया है। तलाक के बाद महिलाएं आर्थिक परेशानी झेलती हैं। अदालत में केस चलेगा तो वे वकीलों की फीस कहां से लाएंगी। सरकार को यह तय करना चाहिए कि केस लड़ने के लिए कौन धन खर्च करेगा।