मीडिया जिन ख़बरों पर चुप हो जाए आप उस ख़बर के लिए ‘मीडिया’ बन जाइए वरना हमारा महान ‘लोकतंत्र’ नहीं बचेगा : रवीश कुमार
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मीडिया जिन ख़बरों पर चुप हो जाए आप उस ख़बर के लिए ‘मीडिया’ बन जाइए वरना हमारा महान ‘लोकतंत्र’ नहीं बचेगा : रवीश कुमार

सीबीआई जज लोया की मौत का मामला अब गंभीर होता जा रहा है। अभी तक इस बात पर विवाद था कि जज की मौत प्राकृतिक है या उनकी हत्या की गई है।

भारत के जानेमाने फोरेंसिक विशेषज्ञों में एक डॉ. आरके शर्मा ने जज बृजगोपाल हरकिशन लोया की मौत से जुड़े मेडिकल कागज़ात की जांच करने के बाद इस आधिकारिक दावे को खारिज कर दिया है कि लोया की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई थी। शर्मा के अनुसार ये कागज़ात दिखाते हैं कि लोया के दिमाग को कोई आघात पहुंचा हो और यह भी मुमकिन है कि उन्‍हें ज़हर दिया गया हो।

पत्रकार रवीश कुमार ने कहा कि, एक जज की मौत से उठे सवालों पर चुप्पी सबको भारी पड़ेगी। जज लोया की मौत पर फ़ोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ आर के शर्मा ने कहा है कि रिकार्ड यही कहता है कि उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से नहीं हुई। डॉ शर्मा और उनके बयान से मीडिया परिचित है मगर चुप है। उनके पुराने बयानों पर मीडिया ख़ूब हंगामा चर्चा कर चुका है।

कैरवान पत्रिका ने अभी तक इस रिपोर्ट को नहीं छोड़ा है। हर चुप्पी के बीच इसकी रिपोर्ट खनक जाती है। आप हिन्दी के पाठकों तक भी खंबरें पहुँचे इसलिए caravan की साइट पर सभी रिपोर्ट हिन्दी में है। सत्ता से डरिए मत।

इस ख़बर को मीडिया जितना दबाए, आप उसे करोड़ो लोगों तक पहुंचा दें। यही आपकी भूमिका होनी चाहिए। मीडिया जिन ख़बरों पर चुप हो जाए आप उस ख़बर के लिए मीडिया बन जाइये। आपको अपने महान लोकतंत्र को किसी की जेब में जाने बचाना है।

आप जिस भी हिन्दी अख़बार को पढ़ते हैं उसमें देखिेए कि जज लोया की मौत की ख़बरें छप रही हैं या नहीं । अगर नहीं तो उसे कल ही बदल दें या बंद कर दें।