देश का दुर्भाग्य ! जनता का चुना PM प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करता है, न्याय देने वाले ‘न्यायाधीशों’ को प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ रही है
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देश का दुर्भाग्य ! जनता का चुना PM प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करता है, न्याय देने वाले ‘न्यायाधीशों’ को प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ रही है

देश की उच्चतम न्यायालय के चार जजों ने न्यायपालिका को बचाने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस की। चारों ने लोकतंत्र के खतरें पर ध्यान दिलाया।

उन्होंने बताया कि, कैसे न्याय के सबसे बड़े मंदिर में अलोकतांत्रिक रवैया अपनााया जा रहा है। जिससे कहीं ना कहीं भारतीय न्याय व्ययवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

चीफ जस्टिस अपनी मनमानी से लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं। न्यायपालिका के विश्वास को खत्म करने का काम कर रहे हैं।

आज सुप्रीम कोर्ट के चारों जजों की चिंता पर काफी मंथन किया जा रहा है। पूरे देश में इंसाफ पसंद लोगों ने इस प्रेस कांफ्रेंस की तारीफ की है।

सोशल मीडिया पर तमाम लोग चारों जजों को लोकतंत्र बचाने के लिए अगुवाई करने पर धन्यवाद दे रहे हैं।

लेकिन एक सवाल है जो सोशल मीडिया पर ज्यादातर लोग कर रहे हैं।

सवाल यह है कि, जनता का चुना प्रधानमंत्री 4 साल में एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करता है लेकिन न्यायपालिका के जज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं।

दरअसल पीएम मोदी ने अपने कार्यकाल के 43 माह में एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है।