झारखण्ड में बढ़ता भीड़तंत्र, कब्रिस्तान के पास नाच-गाने से मना करने पर युवक की हत्या
BH News

झारखण्ड में बढ़ता भीड़तंत्र, कब्रिस्तान के पास नाच-गाने से मना करने पर युवक की हत्या

देश में भीड़तंत्र बढ़ता जा रहा है और ये लगातार देखा जा रहा है कि ये भीड़ कुछ विशेष समुदायों के लोगों को अधिक निशाना बना रही है। भाजपा शासित झारखण्ड के मांडर कस्बे में कब्रिस्तान के पास नाच-गाने से मना करने पर वसीम अंसारी नामक युवक की हत्या कर दी गई।

घटना एक जनवरी की है। इस घटना में दो अन्य युवक नुरूल अंसारी और मन्नान अंसारी घायल हुए हैं। इसके बाद इलाके में तनाव है। पुलिस उपाधीक्षक और मांडर के थाना प्रभारी सुमित कुमार ने बताया है कि मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। इस इलाके में अतिरिक्त पुलिस बलों की तैनाती की गई है।

वसीम अंसारी की उम्र 19 साल बताई जा रही है। दो दिन पहले ही वो पुणे से मज़दूरी कर लौटा था। उसके पिता उलफान अंसारी गोलगप्पा बेचकर जीवन यापन करते हैं।

मांडर के पतराकोना चंदाबारी में एक जनवरी को युवकों के अलग-अलग समूह नए साल पर वनभोज कर रहे थे। इस मौके पर वो लोग बाजे के साथ नाच-गाना भी कर रहे थे। वसीम ने उनसे नाच गाने के लिए मना किया जिसके बाद भीड़ ने उसे पीट-पीट कर मार डाला।

मंगलवार की सुबह युवक की हत्या के विरोध में गुस्साये लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग (रांची- डालटनगंज) को जाम कर दिया। गांव के हसीबुल अंसारी का आरोप है कि भीड़ ने बुरे तरीके से वसीम की हत्या की है। लाश की हालत देखने से ही सारा माजरा समझ में आता है। उन्होंने कहा कि यहां भीड़ द्वारा अक्सर किसी निर्दोष को मारे जाने का चलन हो गया है।

वसीम के एक परिजन आसिक अंसारी ने कहा कि कब्रिस्तान के पास खाना-पीना, नाचना- गाना ठीक नहीं और इसे मना करने पर मौत की सज़ा दी गई। वे लोग इंसाफ चाहते हैं।