क्या ‘भाजपा’ की हार से ध्यान हटाने लिए लाया गया ‘देश विरोधी’ नारे वाला फर्जी वीडियो ?
BH News

क्या ‘भाजपा’ की हार से ध्यान हटाने लिए लाया गया ‘देश विरोधी’ नारे वाला फर्जी वीडियो ?

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रही है। इस वीडियो में देश विरोधी नारे लगाए जाने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि वीडियो राजद प्रत्याशी की जीत के बाद निकले जूलूस का है।

आरोप है कि जूलूस में शामिल दो बच्चों ने ‘पाकिस्‍तान जिंदाबाद’ व ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ जैसे देश विरोधी नारे लगाए और इसका वीडियो भी बनाया। वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आयी पुलिस ने इस मामले में नामजद दो आरोपियों की गिरफ्तार कर लिया है।

इस मामले पर राजनीति भी शुरू हो चुकी है। राजद प्रत्‍याशी मो: सरफराज आलम की जीत के बाद बीजेपी नेता गिरिराज सिंह बयान आया था कि अररिया बिहार का सीमावर्ती इलाका है। यह नेपाल और बंगाल से जुड़ा है। अररिया संसदीय सीट से सरफराज आलम को विजयी बना वहां की जनता ने कट्टरपंथी विचारधारा को जन्म दिया है। सरफराज की जीत बिहार ही नहीं, बल्कि देश के लिए भी खतरा है। अररिया आतंकवादियों का गढ़ बनेगा।

सवाल उठता है कि जब गिरिराज सिंह को पता है कि अररिया आतंकियों का गढ़ बनने वाला है तो जल्द से जल्द कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। बिहार की सत्ता में बीजेपी है, केंद्र की सत्ता बीजेपी के पास है फिर भी उनका कहना है कि अररिया आतंकियों का गढ़ बनेगा। क्यों बनेगा, बीजेपी वहां सत्ता में हैं अगर अररिया आतंकियों का गढ़ बनता है तो सत्ताधारी पार्टी जिम्मेदार होंगे।

अगर गिरिराज सिंह को लगता है कि अररिया से देश को ख़तरा है तो वो मीडिया में बयान देकर समय क्यों बर्बाद क्यों कर रहे हैं? अररिया को सील कीजिए। अररिया में आर्मी एयरफोर्स सब डिप्लॉय कीजिए। बात कीजिए निर्मला सीतारमण से।

लेकिन ऐसा नही होगा। एक दो सप्ताह हल्ला-गुल्ला होगा फिर सब शांत हो जाए। किसी पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। इसका एक उदाहरण हम पहले भी देख चुके हैं। दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रों पर देशद्रोही नारे लगाने का आरोप लगा, मीडिया ने दिन रात अफवाह फैलाया, छात्र जेल गए और बाहर आए।

क्यों बाहर आ गए? क्योंकि सरकार ये साबित नहीं कर पायी कि विश्वविद्यालय देश विरोधी नारे लगे थे। किसी भी छात्र के खिलाफ पुलिस आजतक चार्ज सीट दाखिल नहीं कर पायी है। आज वो सारे छात्र आजाद धूम रहे है जिनपर देशद्रोह का आरोप लगा था चाहे वो कन्हैया हो, उमर हो या अनिर्बान हो।

हालांकि बिहार वाले इस वीडियो की जांच भी altnews ने की है। इस वीडियो की कई तरह से जाँच करने के बाद ये बात सामने आई है कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ किया गया है।

मसलन, पूरे ऑडियो के दौरान टुकटुक और ट्रैफिक की आवाज़ आ रही है लेकिन जब नारे लगने वाला हिस्सा आता है तो ये आवाज़ अचानक गायब हो जाती है। मतलब असली आवाज़ को बंद कर नारों को ऑडियो एडिटिंग के द्वारा विडियो में डाला गया है।

क्या ‘भाजपा’ की हार से ध्यान हटाने लिए लाया गया ‘देश विरोधी’ नारे वाला फर्जी वीडियो ?

इसी तरह विडियो की जांच ffmpeg सॉफ्टवेर पर की गई। जिस समय नारों की आवाज़ आती है उस हिस्से को 30 फ्रेमों में बाटा गया। वीडियो फ्रेम में जैसे देखा जा सकता है कि दाया तरफ खड़ा युवा लगातार अपना मुह खोले हुए है और उसके होठ आपस में मिले नहीं हैं। वहीं बाया तरफ खड़ा युवा अपना मुह लगातार बंद करे हुए हैं। जबकि नारे लगाने के लिए लगातार मुह चलते रहना चाहिए था।

क्या ‘भाजपा’ की हार से ध्यान हटाने लिए लाया गया ‘देश विरोधी’ नारे वाला फर्जी वीडियो ?