पैसे लेकर सांप्रदायिक नफरत फैलाने वाली गोदी मीडिया की जगह जेल में है, देखें- कौन सी धाराएं लगेंगी
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पैसे लेकर सांप्रदायिक नफरत फैलाने वाली गोदी मीडिया की जगह जेल में है, देखें- कौन सी धाराएं लगेंगी

कोबरा पोस्ट ने ऑपरेशन 136 के नाम से एक स्टिंग ऑपरेशन किया है। इस ऑपरेशन में खुलासा किया गया है कि कैसै न्यूज चैनल, अखबार और वेबसाइट विशेष राजनीतिक पार्टी के लिए हिंदूत्व का एजेंडा चलाते हैं। अपने इस ऑपरेशन के दौरान कोबरा पोस्ट ने अंग्रेजी पोर्टल डीएनए, हिंदी के अख़बार पंजाब केसरी, समाचार प्लस समेत कई चैनलों का खुलासा किया है।

कोबरा पोस्ट के स्टिंग ऑपरेशन में कई भारतीय मीडिया हाउस पैसे के बदले कंटेंट से समझौता करने के लिए तैयार दिखे। फिर चाहे बात चुनाव के दौरान हिंदुत्व का प्रचार हो या ध्रुवीकरण की बात हो। वरिष्ठ पत्रकार पुष्प शर्मा ने अपना एजेंडा चलवाने के लिए इन मीडिया संस्थानों के उंचे पदों पर बैठे लोगों को अच्छी खासी रकम देने की पेशकश की। पुष्प शर्मा ने ये स्टिंग ऑपरेशन श्रीमद् भगवत गीता समिती का प्रचारक बनकर किया है।

एजेंडा कुछ इस तरह से था…

पहले चरण में हिंदुत्व के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए खास तरह से बनाए गए धार्मिक प्रोग्राम को चलाना। उसके बाद मुहीम को और धारदार बनाने के लिए साम्प्रदायिक रंग देना, जिसमें विनय कटियार, उमा भारती, और मोहन भागवत जैसे हिंदुत्व विचारधारा से जुड़े लोगों के भाषणों का प्रचार शामिल है।

चुनाव के नजदीक आने पर विपक्ष के बड़े नेता राहुल गांधी, मायावती, अखिलेश यादव जैसे नेताओं पर पप्पू, बुआ और बबुआ जैसे अशोभनीय शब्दों का इस्तेमाल कर व्यांगात्मक प्रोग्राम चलाना भी शामिल है। मीडिया प्रतिष्ठानों को ये कैंपने अपने तमाम प्लेटफॉर्म जैसे प्रिंट, इलेकट्रॉनिक और डिजिटल पर चलाना है।

गैरकानूनी काम कर रही है मीडिया…

कोबरा पोस्ट के स्टिंग में जो सामने आया है वो तमाम बातें निम्नलिखित नियमों का खुला उल्लंघन है।

  • मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट 2002
  • रिप्रजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट 1951
  • कंडक्ट ऑफ इलेक्शन रूल 1961
  • कंपनी एक्ट 1956
  • इनकम टैक्स एक्ट 1961
  • कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 1986
  • केबल टेलीविजन नेटवर्क रूल 1994