बजट में किसान-हित के दावे से उलट जमीनी सच्चाई, 5 दिनों से प्रदर्शन कर रहे किसान पेड़ पर उल्टा लटके
BH News

बजट में किसान-हित के दावे से उलट जमीनी सच्चाई, 5 दिनों से प्रदर्शन कर रहे किसान पेड़ पर उल्टा लटके

हाल ही में भारत सरकार ने देश के सामने आम बजट पेश किया था। बजट को देश के किसानों के हक में बताया जा रहा था। बजट देख कर लगा कि भारत सरकार अब देश के किसानों के हित में काम करें वाली है। मगर बजट पेश हुए अभी एक हफ्ते भी नहीं हुए है और किसानों के प्रदर्शन करने का नया मामला सामने आ गया है।

भाजपा शासित राज्य राजस्थान के बूंदी जिले में किसान पिछले पांच दिनों से अपनी मांग को ले कर प्रदर्शन कर रहें हैं। किसानो की मांग है कि उन्हें अपने सूख रहे फसलों के लिए नाहर का पानी उपलब्ध कराया जाए। दरअसल बूंदी के एक गाँव में पानी की कमी के कारण किसानो के फसल सूख रहें हैं और सरकार उनपर कोई धयान नहीं दे रही।

प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए किसान पेड़ पर उल्टा लटक कर प्रदर्शन कर रहें हैं। किसानो ने अपनी मांग रखने के लिए पहले तो अनशन किया फिर जब प्रशासन ने उन्हें अनदेखा कर दिया तब जा कर वो पेड़ पर उल्टा लटक गए।

दैनिक भास्कर की खबर के मुताबिक, प्रदर्शन पर बैठे किसान अपनी ओर ध्यान खींचने के लिए रोज़ नए नए तरीके आजमा रहें हैं। किसान अनशन के अलावा कभी मुर्गा बन जा रहें हैं तो कभी अपने बाल मुंडवा ले रहें, यहां तक की किसानो ने भैंस के साथ मुह लगा कर चारा तक खा लिया और अंत में अब वो पेड़ पर उल्टा लटक कर प्रदर्शन कर रहें हैं।

किसानों को अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि उनकी मांगे जल्द ही पूरी की जाएँगी मगर किसान अपनी बात पर अड़े हुए हैं कि जब तक उन्हें पानी मिल नहीं जाता तब तक वो प्रदर्शन करते रहेंगे।

किसानों को प्रदर्शन करते हुए आज पांच दिन हो गए हैं मगर उन्हें आज तक नहर का पानी नहीं मिला है। ऐसे में ये अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारत सरकार का आम बजट किसानो को सिर्फ लुभाने के लिए है।