जन्मदिन विशेष: एक ऐसा प्रधानमंत्री जो राजनीति में बेमन से आया, और जब आया तो जनता का बेटा बन गया !  
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जन्मदिन विशेष: एक ऐसा प्रधानमंत्री जो राजनीति में बेमन से आया, और जब आया तो जनता का बेटा बन गया !  

उन्होंने एक बार रैली में भाषण देते हुए कहा था कि दिल्ली से 1 रुपये चलता है और लखनऊ तक पहुंचते-पहुंचते 50 पैसे हो जाता है। PM होते हुए भ्रष्टाचार पर ये उनकी बेबाक राय थी जिसकी मिसाल आज भी दी जाती है।

राजीव गांधी देश का ऐसा शख्स जिसने भारत को दुनिया से जोड़ा। इस मॉडर्न सोच ने भारतवर्ष को एक नई ऊर्जा और एक नई शक्ति दी। जो कभी राजनीति में आना नहीं चाहते थे। राजनीति में आने से पूर्व वे इंडियन एयरलाइन्स में एक पायलट थे।

देश के प्रधानमंत्री के घर से आने वाले राजीव ने कभी भी राजनीति में दिलचस्पी नहीं रखी। बड़े भाई संजय गाँधी माँ का सहारा बने रहे। नाना जवाहरलाल नेहरू और मां इन्दिरा गांधी से उन्हें राजनैतिक विरासत की समृद्ध परम्परा मिली।

भारतीय राजनीति की दुर्गा कही जाने वाली इन्दिरा गाँधी की असामयिक मृत्यु के बाद पूरे देश की नज़रें राजीव पर थी मानो एक आखिरी उम्मीद हो कि ‘राजीव तो है’ देश को सशक्त प्रधानमंत्री की आवश्यकता थी। बेमन राजीव गांधी को लोगों की इच्छा का सम्मान करते हुए राजनीति में आना पड़ा।

जन्मदिन विशेष: एक ऐसा प्रधानमंत्री जो राजनीति में बेमन से आया, और जब आया तो जनता का बेटा बन गया !  

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1981 में अमेठी से सांसद का चुनाव जीतकर वे 1983 में कांग्रेस पार्टी के महासचिव बने। 31 अक्टूबर 1984 के दिन इन्दिरा गांधी की मृत्यु के बाद कार्यवाहक प्रधानमन्त्री के रूप में अपनी शपथ ग्रहण की। 1985 के आम चुनाव में वे प्रचण्ड बहुमत से विजयी हुए।

जन्मदिन विशेष: एक ऐसा प्रधानमंत्री जो राजनीति में बेमन से आया, और जब आया तो जनता का बेटा बन गया !  

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मिस्टर क्लीन की छवि से माने जाने वाले राजीव गांधी बहुत कुछ अर्थों में ईमानदारी व कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल थे। हालांकि उनकी इस छवि में कालान्तर में कुछ विवाद भी उत्पन्न हुए थे। अपने श्रेष्ठ प्रशासन व निर्णय शक्ति की बदौलत इस जनप्रिय नेता ने काफी ख्याति प्राप्त की।

उन्होंने एक बार रैली में भाषण देते हुए कहा था कि दिल्ली से 1 रुपये चलता है और लखनऊ तक पहुंचते-पहुंचते 50 पैसे हो जाता है। प्रधानमंत्री होते हुए भ्रष्टाचार पर ये उनकी बेबाक राय थी जिसकी मिसाल आज भी दी जाती है।

भारत में पॉप म्यूजिक को बढ़ावा देने राजीव – अलीशा चिनॉय

भारत में 90 का दशक वो समय था जब दूरदर्शन के अलावा निजी टीवी चैनलों का दौर आया, फ़िल्मी गानों से अलग म्यूज़िक एलबमों और पॉप वीडियो का ज़बरदस्त क्रेज़ हुआ था।

ऐसा ही एक एलबम था ‘मेड इन इंडिया’ जिसकी गायिका थीं अलीशा चिनॉय। वो अपने इस गाने से ख़ूब मशहूर हुई थीं। किशोर कुमार के साथ फ़िल्म ‘मिस्टर इंडिया’ में गाने वाली अलीशा ने कजरारे जैसा हिट गाना भी गाया है।

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जन्मदिन विशेष: एक ऐसा प्रधानमंत्री जो राजनीति में बेमन से आया, और जब आया तो जनता का बेटा बन गया !  

अलीशा बताती है कि हाँ जब वो राजीव प्रधानमंत्री थे तो उन्होंने हाई टी पर बुलाया था कुछ लोगों को, मैं भी गई थी क्योंकि मेरे कुछ नए गाने रिलीज़ हुए थे। ये 88-89 की बात होगी। उन्हें संगीत में काफ़ी रुचि थी और टेलीविज़न को लेकर उनका बड़ा विज़न था। उस समय तो ज़्यादा कुछ था नहीं टीवी के नाम पर।

वे भारत में बड़े पैमाने पर टीवी, पॉप संगीत को लाना चाहते थे। बल्कि मैं तो टीवी और पॉप म्यूज़िक को लोकप्रिय करने का श्रेय राजीव गांधी को ही दूँगी। मैंने उन्हें अपने दो अंग्रेज़ी के गाने सुनाए थे और उन्होंने तारीफ़ में मुझे एक चिट्ठी भी भेजी थी।

दुनिया के पहले नेता जो आत्मघाती हमले का शिकार हुआ

जन्मदिन विशेष: एक ऐसा प्रधानमंत्री जो राजनीति में बेमन से आया, और जब आया तो जनता का बेटा बन गया !  

जन्मदिन विशेष: एक ऐसा प्रधानमंत्री जो राजनीति में बेमन से आया, और जब आया तो जनता का बेटा बन गया !  

जन्मदिन विशेष: एक ऐसा प्रधानमंत्री जो राजनीति में बेमन से आया, और जब आया तो जनता का बेटा बन गया !  

21 मई 1991 को मद्रास से 50 कि०मी० दूर श्रीपेरूंबुदुर में एक चुनावी सभा के दौरान सुरक्षा घेरे को तोड़ने के बाद फूलों की माला ग्रहण करते समय श्रीलंकाई आतंकवादी संगठन लिट्टे द्वारा आत्मघाती बम विस्फोट में उनकी नृशंस हत्या कर दी गयी। अपने चहेते युवा नेता की मृत्यु पर सारा देश जैसे स्तब्ध रह गया।