जिन्हें कभी अख़लाक औऱ पहलू की चीखें सुनाई नहीं दी उन्हें आज पटाखों की आवाजें सुनाई दे रही हैं- सोशल
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जिन्हें कभी अख़लाक औऱ पहलू की चीखें सुनाई नहीं दी उन्हें आज पटाखों की आवाजें सुनाई दे रही हैं- सोशल

चैंपियन ट्राफी में भारत को मिली हार व पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को मिली जीत ने अफवाहबाजों को नफरत फैलाने का एक मौका दे दिया है।

पूरे देश में अल्पसंख्यकों पर पाकिस्तान की जीत पर खुशियां मनाने का आरोप लगाकर बदनाम किया गया। पटाखों के शोर को पाकिस्तान की जीत की खुशी से जोड़ दिया गया।

इन अफ़वाहों में आप नेता व कवि कुमार विश्वास भी फंस गए। आप नेता ने ट्विट करते हुए पूछा कि, भारत की हार पर पटाखे फोड़ने वाले ये जाहिल मरने के बाद दफ़्न होने पाक जाएँगे या यहीं मादर ए वतन की मिट्टी में कीड़े फैलाएँगे?

आप नेता कुमार विश्वास की इस विवादित टिप्पणी के बाद लोगों ने सवाल किया कि, दलित को मारने वाले उनके घर को जलाने वाले क्या जन्नत जायेंगे कविवर। ये नफरत और भावनाओं से खेलना कब से कवियो का काम हो गया।

वहीं लोगों ने कुमार विश्वास से पूछा कि, जिन्हें अख़लाक, पहलू औऱ जफर खान की कभी चीखें सुनाई नहीं दी उन्हें पटाखों की आवाजें सुनाई दे रही हैं। ट्विट करके बुरे फंसे आप नेता कुमार विश्वास को जवाब देते नहीं बना। क्योंकि कोरी अफवाहों पर पटाखों चलाने की आवाज़ सुन लेना व निर्दोंष अख़लाक व पहलू खान जैसे लोगों की मौत पर चुप्पी साध लेना कहीं न कहीं कविवर की मानसिकता को दर्शाता है।

आप नेता की खूब खिचाई के बाद एक यूजर ने लिखा कि, ट्रम्प के लिए हवन करने वाले जाहिल मरने के बाद दफन होने अमेरिका जाएंगे या यहीं मादर ए वतन की मिट्टी में कीड़े फैलाएंगे? मने पूछ रहे हैं?

आपको बता दें कि, अभी हाल में ही कवि कुमार विश्वास पर भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के करीबी होने का आरोप आम आदमी पार्टी के विधायक लगा चुके हैं।