देश में करोड़ों बेरोजगारों के लिए बुरी ख़बर, इस साल सिर्फ 0.5% बढ़ी नौकरियां, कैसे नौजवानों से वोट मांगेगी मोदी सरकार ?
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देश में करोड़ों बेरोजगारों के लिए बुरी ख़बर, इस साल सिर्फ 0.5% बढ़ी नौकरियां, कैसे नौजवानों से वोट मांगेगी मोदी सरकार ?

बेरोज़गारी इस समय देश की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। क्योंकि भारत में विश्व के अन्य देशों के मुकाबले सबसे अधिक युवा वर्ग है। लेकिन यहाँ रोज़गार के अवसर घटते जा रहे हैं। सेंटर फॉर मोनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (सीएमआईई) के मुताबिक देश में 2017 में केवल 0.5% नौकरियां बढ़ी हैं।

इतनी बुरी स्तिथि तब है जब देश में भाजपा की सरकार है। गौरतलब है कि 2014 लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने प्रतिवर्ष 2 करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था।

शहरी क्षेत्रों में 2% नौकरियों में इज़ाफा हुआ है जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में नौकरियां बढ़ने के बजाए 0.3% घटी हैं। कृषि क्षेत्र में आया संकट भी इसकी बड़ी वजह है।

बता दें, कि हाल में सेंट्रल स्टैटिस्टिकल ऑफिस (सीएसआई) ने देश की विकास दर के आकड़े बताते हुए कहा था कि कृषि क्षेत्र की विकास दर 2017-18 में 2.1% रहेगी जो की 2016-17 में 4.5% थी। ग्रामीण क्षेत्रों में ये हाल तब है जब देश के 64% श्रमिक वहां काम करते हैं।

नोटबंदी और जीएसटी के कारण लोगों ने बड़ी संख्या में नौकरियां गवाई हैं। सरकारी आकड़ों के मुताबिक भी लगभग 15 लाख लोगों ने नौकरियां गवाई हैं। इसमें से 40% शहरी क्षेत्रों में और अन्य ग्रामीण में।

बाज़ार में मांग की कमी भी इसका कारण है। विशेषज्ञों का कहना है कि नोटबंदी और जीएसटी के बाद बाज़ार में मांग की भारी गिरावट देखी गई है।

हाल ही सीएमआईई ने बताया था कि 2017 में देश में नया निवेश 13 सालों में सबसे कम रहा है। मांग की कमी के कारण उद्योगपति या कम्पनियाँ निवेश नहीं कर रही हैं। निवेश ना होने के कारण बाज़ार में रोज़गार का संकट है।