मोदी सरकार की ‘दलित विरोधी’ मानसिकता खुलकर आई सामने, दलितों के लिए काम करने भारत आए ‘विदेशी डिप्लोमेट’ को भगाया
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मोदी सरकार की ‘दलित विरोधी’ मानसिकता खुलकर आई सामने, दलितों के लिए काम करने भारत आए ‘विदेशी डिप्लोमेट’ को भगाया

मोदी सरकार पर लगातार दलित विरोधी रुख अपनाने के आरोप लग रहे हैं और हाल ही की घटना उन आरोपों को आधार देती है।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक खबर के मुताबिक 22 जनवरी 2018 को स्विटजरलैंड एक पूर्व डिप्लोमेट कर्ट वोगेल भारत आए थे लेकिन उन्हें यहाँ से उलटे पांव भगा दिया गया। वोगेल एक दलित समर्थक एनजीओ के कार्यक्रम के लिए भारत आए थे।

वोगेल जब जहाज़ से अहमदाबाद उतरे तो उनसे कहा गया कि उनको भारत आने का अधिकार नहीं है। जबकि उनके पास वीज़ा और अन्य ज़रूरी दस्तावेज़ थे। उन्हें वहां आने का निमंत्रण सामाजिक कार्यकर्ता गगन सेठी ने दिया था। जो एनजीओ ‘जनविकास’ के अध्यक्ष हैं, ये एनजीओ कई दलित संगठनों से जुड़ा है और दलितों के विकास के लिए काम करता है।

वोगेल को बिना किसी कारण बताए वापस डिपोर्ट कर दिया गया। वोगेल ने स्विट्ज़रलैंड में भारतीय एम्बेसडर सिबी जोर्ज को नाराज़गी जताते हुए उन्हें भारत में ना आने देने और ‘ब्लैकलिस्ट’ करने का कारण पूछा है।

इससे पहले वोगेल स्विस डेवलपमेंट कोर्पोरेशन (एसडीसी) के सदस्य के तौर पर भारत आ चुके हैं। एसडीसी जनविकास को फंड भी करता है|

जनवरी 2017 में भी वो केरल के मालाबार यूनियन में आ चुके हैं। भारतीय एम्बेसडर को लिखे अपने पत्र में उन्होंने भारत में उनके कार्यकाल और देश में कई लोगों से अच्छे संबंध और लगाव के बारे में बताया है।