क्या राष्ट्रगान बजने के दौरान PM मोदी ने पिया था पानी ? जानें सच्चाई-
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क्या राष्ट्रगान बजने के दौरान PM मोदी ने पिया था पानी ? जानें सच्चाई-

वीडियो को PM मोदी के यूट्यूब चैनल पर भी देखा जा सकता है जहाँ स्पष्ट है कि राष्ट्रगान के शुरू हो जाने के दौरान वो ग्लास उठाकर पानी पी रहे होते हैं

15 अगस्त को लालकिले पर प्रधानमंत्री के भाषण के बाद कुछ तस्वीरें ऐसी आईं कि नरेन्द्र मोदी सवालों से घिर गए। राष्ट्रगान बजने के दौरान पीएम मोदी के पानी पीने का वीडियो देखकर लोग हैरान हो गए। इसके बाद सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना होने लगी।

लिखा जाने लगा कि ‘आखिर एक देश का प्रधानमंत्री राष्ट्रगान के लिए कुछ सेकंड नहीं रुक सकता क्या ?’

प्यास एक अनिवार्य भौतिक जरूरत है मगर राष्ट्रगान के लिए महज 52 सेकंड के लिए रुक जाना बहुत कठिन तो नहीं रहा होगा! खासकर उस प्रधानमंत्री के लिए जिनके बारे में कहा जाता है कि वह प्रतिदिन 18 घंटे अथक परिश्रम करते हैं।

हालाँकि इस वीडियो के आधार पर बहस बढ़ाने के पहले हम कुछ सवालों के जवाब ढूंढते हैं -

पहला सवाल उठता है कि क्या इस वीडियो में सच्चाई है ?

और दूसरा सवाल है कि अगर वीडियो सच्ची है तो देश के प्रधानमंत्री महज 52 सेकंड तक राष्ट्रगान के सम्मान में क्यों नहीं रुक सके ?

सोशल मीडिया पर तमाम वेरिफाइड अकाउंट और जिम्मेदार लोगों द्वारा वीडियो शेयर किए जाने के बाद बोलता हिंदुस्तान ने भी वीडियो पब्लिश करके सवाल किया कि जब राष्ट्रगान के सम्मान में सभी खड़े थे तो पीएम मोदी पानी क्यों पी रहे थे ?

हालाँकि दूसरी ओर इस वायरल वीडियो की सत्यता की तलाश में अन्य लोग भी लगे रहे। इसी सिलसिले में जानी मानी पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी ने सबसे बड़ी और सबसे पुरानी फैक्ट चेकर मीडिया SM Hoax Slayer की ऑफिशियल ID को टैग किया।

तमाम पड़ताल के बाद इस फैक्ट चेकर मीडिया की ऑफिशियल ID से लिखा गया- ‘1 घंटे 44 मिनट 40 सेकंड पर चेक कर लिया गया है- अचानक राष्ट्रगान बजने लगा और वंदे मातरम की नारेबाजी के बाद प्रधानमंत्री थकान की वजह से इस दौरान पानी पीते रह गए।

हालांकि उन्होंने एक ही घूंट पिया और क्योंकि राष्ट्रगान अचानक बज गया था इसलिए वह उसके बाद सीधे खड़े हो गए।’

अर्थात इस फैक्ट चेकर मीडिया ने यह माना कि राष्ट्रगान बजने के दौरान पीएम मोदी पानी पी रहे थे लेकिन इस बात का भी उल्लेख किया कि ऐसा थकान की वजह से हुआ होगा और अचानक राष्ट्रगान के बज जाने पर उनको संभलने में समय लग गया होगा।

लालकिले से भाषण के मुख्य वीडियो को देखकर भी यह स्पष्ट है कि हाथ में गिलास लेते ही राष्ट्रगान की शुरुआत हो चुकी थी, फिर भी प्रधानमंत्री ने गिलास से पानी पीना शुरु कर दिया। वह आगे कितनी देर तक पानी पीते रहे, इस बात की स्पष्टता ना होने के पीछे वजह है कि काफी देर तक कैमरा उनकी ओर फोकस नहीं किया गया।

हालांकि राष्ट्रगान के अंत में दिखाया गया कि वह सावधानी की मुद्रा में खड़े थे तो फैक्ट चेकर मीडिया की बात मानी जा सकती है कि राष्ट्रगान शुरू हो जाने पर पीएम मोदी पानी पी रहे थे और बाद में उन्होंने सावधानी की मुद्रा अपना ली।

फैक्ट चेकर मीडिया SM Hoax Slayer और मुख्य वीडियो को देखकर यह बात स्पष्ट हो जाती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रगान के दौरान पानी पिया था लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाता कि राष्ट्रगान चलते रहने के दौरान कितनी देर तक वह पानी पीते रहे।

इससे यह बात साफ है कि राष्ट्रगान के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा पानी पिये जाने की बात सच है और ये कोई फेक न्यूज़ नहीं है लेकिन राष्ट्रगान बजने पर भी रुक जाने के बजाय पानी पीने की पीएम मोदी की मजबूरी का मानवीय आधार भी हो सकता है, जैसे कि प्यास की तीव्रता अधिक होना।

तो पहले सवाल का जवाब है कि राष्ट्रगान के दौरान PM मोदी द्वारा पानी पीने वाली खबर फेक न्यूज़ नहीं है।

इसकी सत्यता को प्रमाणित करने के लिए पीआईबी द्वारा जारी वीडियो को भी देखा जा सकता है।

यहाँ तक कि इस वीडियो को नरेंद्र मोदी के यू ट्यूब चैनल पर भी देखा जा सकता है कि राष्ट्रगान के शुरू हो जाने के दौरान वो ग्लास उठाकर पानी पी रहे होते हैं।

इस चैनल पर पब्लिश वीडियो के मुताबिक 1 घंटे 45 मिनट 17 सेकेंड से लेकर 1 घंटे 45 मिनट 20 सेकेंड के बीच ये घटना देखी जा सकती है।

क्या राष्ट्रगान बजने के दौरान PM मोदी ने पिया था पानी ? जानें सच्चाई-

क्या राष्ट्रगान बजने के दौरान PM मोदी ने पिया था पानी ? जानें सच्चाई-

क्या राष्ट्रगान बजने के दौरान PM मोदी ने पिया था पानी ? जानें सच्चाई-

क्या राष्ट्रगान बजने के दौरान PM मोदी ने पिया था पानी ? जानें सच्चाई-

क्या राष्ट्रगान बजने के दौरान PM मोदी ने पिया था पानी ? जानें सच्चाई-

क्या राष्ट्रगान बजने के दौरान PM मोदी ने पिया था पानी ? जानें सच्चाई-

(हालाँकि अलग-अलग जगह अपलोड वीडियो की अवधि अलग होने की वजह से घटना की टाइमिंग अलग है)

जाहिर सी बात है कि खुद PM मोदी अपने खिलाफ फेक वीडियो बनवाकर अपने पेज पर क्यों लगवाएंगे।

दूसरे सवाल का जवाब इसलिए मिश्रित है क्योंकि इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि PM मोदी के द्वारा राष्ट्रगान का अपमान हुआ है लेकिन ऐसा करने के पीछे उनकी नीयत रही हो- यह जरूरी नहीं है।

हालांकि यह सवाल हमेशा पीछा करता रहेगा कि राष्ट्रगान के लिए 52 सेकंड न रुक सकने की अर्जेंसी कितनी रही होगी।

वीडियो से दो बातें बिल्कुल स्पष्ट हैं कि राष्ट्रगान की धुन बजने के बाद PM मोदी ने ग्लास उठाया है और राष्ट्रगान के बोल बज जाने के बाद पानी पीना शुरू किया है। यानी राष्ट्रगान के अपमान या अनदेखी में से एक विकल्प चुनना होगा और राजनीति की जिस धारा के सबसे बड़े आइकन खुद पीएम मोदी हैं, उसके हिसाब से ये अनदेखी भी अपमान है।

विवाद कहां है ?

तमाम विश्वसनीय सोशल मीडिया यूजर्स की सक्रियता देखकर बोलता हिंदुस्तान भी इन सवालों को उठाते हुए इस वीडियो को पब्लिश किया, जिसमें दिखाया गया कि राष्ट्रगान बजने के दौरान पीएम मोदी पानी पी रहे थे। हालांकि इस वीडियो में पानी पीने के दौरान दिखने वाले विजुअल के साथ राष्ट्रगान की अन्य लाइनें सुनाई दे रही थी, जिससे तमाम सवाल उठने लगे।

फेक न्यूज़ फैलाने वाले मीडिया के घोर आलोचक और धुर विरोधी रहे बोलता हिंदुस्तान पर ही सवाल उठने लगे तो उच्च पत्रकारीय मूल्यों पर अटल बोलता हिंदुस्तान की एडिटोरियल टीम ने वीडियो एडिटिंग की जिम्मेदारी लेने वाले अपने सहयोगी से बात की।

इस पर उनका जवाब था-

‘वीडियो का पूरा फोकस यही रहा कि राष्ट्रगान बजने के दौरान सम्मान देने के बजाय हमारे पीएम पानी क्यों पी रहे हैं। राष्ट्रगान के अपमान के सवाल को प्रमुख बनाने के चक्कर में हमने तकनीकी पहलू को गौण ही रहने दिया।‘

तकनीकी पहलू की गौणता वाले जवाब पर एडिटोरियल टीम ने काउंटर सवाल किया कि ‘गौण क्यों ? तकनीकि भी तो हमारा अभिन्न हिस्सा है।’

इसपर जवाब मिला कि ‘वीडियो बनाने के दौरान सिर्फ कुछ सेकंड का क्लिप उपलब्ध था इसलिए क्लिप को लूप पर लगाकर राष्ट्रगान की रैंडम पंक्तियां बजा दी गई।’

इसपर पूरी तरह सहमत ना होते हुए बोलता हिंदुस्तान की एडिटोरियल टीम ने सहकर्मी को सख्त हिदायत दी कि भले ही आप सही सवाल उठा रहे हैं, फेक न्यूज़ नहीं फैला रहे हैं, फिर भी किसी भी तरह की संदिग्धता फ़ैलाने से परहेज करें।

हालांकि भरोसेमंद पत्रकारिता करने के लिए मशहूर इस न्यूज़ पोर्टल से फेक न्यूज़ शेयर करने का तो सवाल ही नहीं उठता लेकिन तकनीकी जल्दबाजी के भी हवाले क्यों बैठा जाए।

क्योंकि सभी पत्रकारों को अपने हिसाब से कंटेंट पब्लिश करने की पूरी आजादी देने जैसे सराहनीय काम को करने वाले बोलता हिंदुस्तान में सभी सहयोगियों के सभी तर्कों का सम्मान किया जाता है। इसलिए इस वीडियो को बनाए रखने या हटा लेने का पूरा अधिकार वीडियो टीम को दे दी गई है।

राष्ट्रगान के दौरान पीएम मोदी ने पानी पिया था और उसपर बनी खबर या वीडियो कोई फेक न्यूज़ नहीं है। ये जानते हुए भी बोलता हिंदुस्तान ने वीडियो हटाने का फैसला लिया, क्योंकि तकनीकी चूक या लापरवाही की वजह से भी किसी गलतफहमी को प्रचारित-प्रसारित करना इस मीडिया का ध्येय नहीं है।

इस फैसले के साथ ही संदेश दिया गया है कि बोलता हिंदुस्तान किसी भी सूरत में किसी फेक न्यूज़ को बढ़ावा नहीं दे सकता, बल्कि फेक न्यूज़ की फैक्ट्री चला रहे तमाम बिकाऊ मीडिया की पोल खोलता रहेगा।