डरा हुआ ‘पत्रकार’, मरा हुआ ‘नागरिक’ बनाता है, मौजूदा सरकार यही चाहती है : रवीश कुमार
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डरा हुआ ‘पत्रकार’, मरा हुआ ‘नागरिक’ बनाता है, मौजूदा सरकार यही चाहती है : रवीश कुमार

ट्रिब्यून की पत्रकार रचना खेहरा के ख़िलाफ़ एफआईआर किस बात की। धीरे-धीरे इसी तरह से हर पत्रकार के भीतर डर बिठा दिया जाएगा। घर से लेकर दोस्त यार कहने लगेंगे कि मत लिखो, मत बोलो, सरकार है कुछ भी कर लेगी।

आधार को लेकर विवाद सुप्रीम कोर्ट के दरवाज़े तक है। कई जगहों से आधार के लीक किए जाने की ख़बरें पढ़ने को मिलती रहती हैं। कुछ कमियां हैं तो सरकार उसे ठीक करे, रिपोर्ट से सहमत नहीं है तो अपनी राय दे और छापने या दिखाने के लिए कहे।

बात बात में एफआईआर और मुकदमे की धमकी देकर डराने से आप जनता का ही नुकसान होगा। बाकी ऐसा नहीं है कि आप समझदार नहीं है। किसी की रिपोर्ट में त्रुटी का लाभ उठाकर मुकदमे में फंसाने का तरीका पुराना है।

जो भी है अच्छा नहीं है। डरा हुआ पत्रकार, मरा हुआ नागरिक बनाता है। डर डर कर कुछ लिखेगा ही नहीं तो आपको सही बात पता कैसे चलेगी बेशक रिपोर्ट की आलोचना कीजिए लेकिन नौकरी से निकलवाना, इस्तीफा दिलवाना, किनारे लगवा देना, मुकदमा करना, ये सब पुराने समय के तरीके हैं और अफसोस आज भी जारी हैं।

PRESS RELEASE
Jan 7, 2018

The Broadcast Editors Association Sunday condemned the FIR against the Tribune reporter, who broke the story about Aadhaar data leaks, as an attack on free speech.

In a statement, the BEA demanded immediate withdrawal of the police case against journalist Rachna Khaira, who has been charged under various sections of the IPC, including forgery and cheating.

“Such FIRs against journalists exposing systemic flaws is a spiteful kick in the teeth of Indian democracy and the right to free speech and expression,” BEA said. “The FIR against The Tribune’s Rachna Khaira must be withdrawn immediately,” the BEA demanded.

The Unique Identification Authority of India (UIDAI) is rather expected to take media investigations into data leaks positively. With the Supreme Court declaring privacy a fundamental right, measures must be strengthened to protect Aadhaar data. “Shooting the messenger is no solution. It’s a toxic trend, which must stop forthwith,” the BEA noted.

Signed

Supriya Prasad,
President,
BEA

Ajit Anjum
General secretary
BEA