नौजवानों इस टीवी से दूर रहो, ये तुम्हारे ख़िलाफ काम करता है बस तुम्हे किसी नेता और दल का वोटर बनाता है: रवीश
Article

नौजवानों इस टीवी से दूर रहो, ये तुम्हारे ख़िलाफ काम करता है बस तुम्हे किसी नेता और दल का वोटर बनाता है: रवीश

2016 में करीब 15 लाख छात्रों ने SSC-CGL का इम्तहान दिया। इसमें से 10,661 लड़के लड़कियों का नौकरी के लिए चयन हुआ। इस परीक्षा को पास करने वाले सीबीआई, आयकर अधिकारी, उत्पाद शुल्क अधिकारी, रेलवे में सेक्शन अफसर के पद पर ज्वाइन करते हैं।

5 अगस्त 2017 को नतीजे भी आ गए मगर इन नौजवानों की ज्वाइनिंग नहीं हो रही है। इन्होंने फेसबुक और ट्विटर पर कार्मिक मंत्री जितेंद्र सिंह को भी सूचित किया मगर कइयों को ब्लाक कर दिया गया।

क्या सरकार का कुछ और इरादा है? अगर लंबी प्रक्रिया के बाद दस हज़ार लोग पास करते हैं तो फिर उनकी ज्वाइनिंग में तीन महीने से अधिक की देरी क्यों हो रही है? क्या सरकार में किसी को इन नौजवानों की मानसिक स्थिति का अंदाज़ा नहीं है?

ये लगातार व्हाट्स अप संदेश भेज रहे हैं। ये नौजवान भी बीजेपी को ही वोट देने वाले होंगे। आख़िर इन्हें किस बात की सज़ा दी जा रही है। इसकी चर्चा क्यों नहीं है कि दस हज़ार से अधिक नौजवान परीक्षा पास कर महीनों से ज्वाइनिंग का इंतज़ार कर रहे हैं?

इसीलिए नौजवानों से कहता हूं कि इस टीवी से दूर रहो। ये तुम्हारे ख़िलाफ काम करता है। ये तुम्हारे लिए नहीं है। तुम किसी नेता के बने रहो, इसके लिए है।

आज एक और सूचना मिली है। जिसके आधार पर नौकरी के लिए ज्वाइनिंग में हो रही इस देरी के पीछे एक पैटर्न नज़र आ रहा है।

असम से सूचना है कि IBPS RRB ने 10 मार्च को अफसर ग्रेड का नतीजा निकाला। इसके लिए इम्हतानों की एक साल तक प्रक्रिया चली। छात्रों ने प्रीलिम्स दिया, मेन्स दिया और इंटरव्यू भी हुआ।

रैकिंग के आधार पर 200 छात्रों ने असम ग्रामीण बैंक का चयन किया। एक साल बाद जब प्रोवेशन पूरा हुआ तो बैंक की तरफ से बताया गया कि इनकी ज़रूरत नहीं है। परीक्षा पास करने के बाद भी ये 200 नौजवान सड़क पर हैं। इन्होंने गुवाहाटी हाईकोर्ट में मुकदमा किया है।

क्या इन नौजवानों के हक में आवाज़ उठाना, मोदी का विरोध करना है? आपके साथ ऐसा होगा तब आप क्या करेंगे, आरती उतारेंगे या सवाल करेंगे? आवाज़ उठाना विरोध करना ही नहीं होता है। सुनाना भी होता है कि देरी हो रही है। अन्याय हो रहा है।